कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी शासन ने 2015 बैच के तेजतर्रार व बेहद ईमानदार छवि के आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति को सौंप...
कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी शासन ने 2015 बैच के तेजतर्रार व बेहद ईमानदार छवि के आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति को सौंपी है।जिसके चलते नवांगतुक पुलिस अधीक्षक आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति ने शनिवार देर रात कानपुर देहात पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
तेलंगाना के है मूलनिवासी -
कानपुर देहात के नवांगतुक पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति मूल रूप से हैदराबाद के तेलंगाना के रहने वाले हैं।वह 2015 बैच के आईपीएस है।वे बेहद शांत व सरल स्वभाव के अधिकारी है और अब तक गाजियाबाद,कानपुर,कासगंज इत्यादि जगहों पर जहां जहां भी रहे वहां पर वे बेहद तेजतर्रार वह अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।कानपुर नगर में तैनाती के दौरान उनका सरल स्वभाव भी देखने को मिलता था।जब वह खुद ही पीड़ित से मिलने के लिए पहुंच जाते थे और पीड़ित की समस्या सुनने के बाद उसका निदान भी करते थे।जिसके चलते वह लगातार आम आदमी के बीच चर्चा का विषय बने रहते थे।इस के साथ कानपुर देहात के नवांगतुक एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति अपने सख्त एक्शन के लिए भी जाने जाते हैं।कासगंज में तैनाती के दौरान वहां के सबसे बड़े माफिया अपराधी नफीस अहमद उर्फ कालिया की 100 करोड़, 28 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की।इस बड़ी कार्रवाई के बाद वह चर्चा में आ गए और सरकार की गुड लिस्ट में शामिल हो गए।
कानपुर में आकर मजबूत हुई थी हिंदी -
प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो 2015 बैच के आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति की पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में थी।इस दौरान हिंदी में उनकी पकड़ बेहद कमजोर थी।जिसके चलते कई बार समस्या व दिक्कत भी होती थी।लेकिन कानपुर में पोस्टिंग मिलने के बाद आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति अपनी हिंदी भाषा को सुधारने के लिए दृढ़ संकल्प लिया और उन्होंने हिंदी भाषा में भी अपनी पकड़ को मजबूत किया।कानपुर में डीसीपी ट्रैफिक/पश्चिम के पद पर तैनात के दौरान उन्होंने कई हिंदी भाषी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और बिना झिझक के उन्होंने कार्यक्रम को हिंदी भाषा में संबोधित भी किया।जिसके चलते धीरे-धीरे आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति कि हिंदी भाषा पर भी थे मजबूत पकड़ हो गई थी।