कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के अंतर्गत पुखरायां में भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या के षड्यंत्र में आरोपी अधिवक्ता पि...
कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के अंतर्गत पुखरायां में भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या के षड्यंत्र में आरोपी अधिवक्ता पिता-पुत्र दोनों घटना के बाद से फरार चल रहे हैं। जिसके चलते अधिवक्ता पिता-पुत्र के ऊपर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था और दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही थी जिसके चलते पुलिस टीम ने शुक्रवार देर शाम आरोपी अधिवक्ता पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
लंबे समय से थी तलाश -
भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या के षड्यंत्र में आरोपी अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी जिसके चलते आरोपी पिता-पुत्र के ऊपर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर दिया था शुक्रवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए पुलिस व स्वट टीम ने पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय को हरदुआपुल पुखरायां के पास से गिरफ्तार कर लिया है।थाना प्रभारी भोगनीपुर राजेश सिंह ने बताया कि 25 हजार का इनामी फरार आरोपी पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय को गिरफ्तार कर लिया गया है।पूछताछ कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
क्या था मामला -
कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के पुखरायां में पांच मार्च को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सघन विकास समिति के सदस्य राजेश तिवारी के बेटे व भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमरेश की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद तीन आरोपी को जेल भेजा दिया गया था।पुलिस की जांच में अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय की भूमिका भी पाई गई।पुलिस को पता चला की समिति की जमीन पर अधिवक्ता की नजर थी।इस पर वह खुद कब्जा करना चाहता था।अमरेश की हत्या वाले दिन अधिवक्ता और उसका पुत्र समिति क्षेत्र में गए थे।इस पर वहां मौजूद पहले से कब्जा जमाए लोगों ने दौड़ा लिया था।दोनों ने अपने साथ हुई घटना को छिपाकर समिति की भूमि पर कब्जे की जानकारी देकर अमरेश को मौके पर बुला लिया।अमरेश के पहुंचे पर अवैध कब्जेदारों ने उस पर हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।इस पर पुलिस ने पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय को हत्या में षड्यंत्र का आरोपी बनाया था।इसके बाद से वह फरार चल रहे हैं।उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत की अपील करी थी लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी।