लखनऊ। (अवनीश कुमार) दीपावली त्यौहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे लखनऊ,कानपुर,कानपुर देहात व उन्नाव के साथ-साथ इत्यादि उत्...
लखनऊ।
(अवनीश कुमार)
दीपावली त्यौहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे लखनऊ,कानपुर,कानपुर देहात व उन्नाव के साथ-साथ इत्यादि उत्तर प्रदेश के जिलों के कुम्हारों के चाकों ने एक उम्मीद के साथ रफ्तार पकड़ ली है और कुम्हारों के पूरा परिवार दिवाली के लिए दीपक तैयार करने में रात दिन जुटा है।कुम्हारों को पूरी उम्मीद है जहां उनके दीपक दूसरों के घर रोशन करेंगे तो वही उनके घर में भी इस दिवाली खुशियों के साथ आर्थिक तंगी से जूझ रहे कुम्हारों की कुछ आर्थिक तंगी दूर हो सकेगी।
बीते वर्ष कोरोना की वजह से धंधा रहा था मंदा -
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग आज अपने मूल काम पर निर्भर हैं।बीते वर्ष कोरोना वायरस की वजह से इनका धंधा मंदा रहा।इस बार दिवाली की धूम अभी से बाजारों में दिखाई दे रही है। इससे कुम्हारों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद दिखाई दे रही है।
इस दिवाली महंगी रहेंगे दिए -
कुम्हार श्याम ने बताया कि इस बार मिट्टी महंगी होने से इस बार दीपक कुछ मंहगे मिलेंगे।क्योंकि जहां पिछले साल 1300 से 1500 रुपये में मिलने वाली 1 ट्राली मिट्टी 2 हजार में मिल रही है।इससे दीपक बनाने की लागत बढ़ गई है। इसलिए इस बार बाजारों में आने वाली पिछले वर्षों की भांति थोड़े महंगे रहेंगे।उन्होंने बताया कि सादे दीपक 70 रुपये के सैकड़ा के हिसाब से थोक में दुकानदारों को दिए जा रहे हैं।वहीं,डिजाइनर दीपक 100 रुपये सैकड़ा के हिसाब से दिए जा रहे हैं।
खूब मिल रहे ऑर्डर -
कुम्हार श्याम ने बताया कि इस बार कानपुर देहात के दीपकों की गुणवत्ता के कारण दूसरे जिलों कानपुर, कन्नौज, उरई व जालौन के दुकानदार भी ऑर्डर दे रहे हैं।जिस हिसाब से मांग हो रही है इससे बाजार अच्छा दिख रहा है।अभी तक 25 हजार सादे और 5 हजार फैंसी दीए बनाकर तैयार कर लिए हैं।इस बार का कुम्हार समाज के लिए आर्थिक रूप से अच्छा दिखाई दे रहा है और एक उम्मीद है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे हम लोगों को इस बार काफी मदद मिलेगी