कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन जिले में...
कानपुर देहात,
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन जिले में बेहतर ढंग से हो रहा है,जिसके चलते सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कन्या सुमंगला योजना के क्रियान्वयन में भी कानपुर देहात पूरे प्रदेश में चौथी स्थान पर है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडे ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है महिलाओं का सशक्तिकरण ज्यादा से ज्यादा हो उक्त के दृष्टिगत ही राज्य सरकार द्वारा ‘‘कन्या सुमंगला योजना‘‘ लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वालंबी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है।
कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत लाभार्थी की पात्रता को निम्नवत् निर्धारित किया गया है -
लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्ड/वोटर पहचान पत्र/विद्युत/टेलीफोन का बिल मान्य होगा, लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम तीन लाख हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा, लाभार्थी के परिवार का आकार-परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों, किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरे संतान के रूप में लड़की को लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती हैं तो ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं का लाभ अनुमन्य होगा, यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप से गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।
कन्या सुमंगला योजना छः श्रेणियों में लागू होगी-
प्रथम श्रेणी बालिका के जन्म होने पर (रू. 2000 एक मुश्त), द्वितीय श्रेणी बालिका एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त (रू.1000 एक मुश्त), तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त (रू. 2000 एक मुश्त), चतुर्थ श्रेणी कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त (रू. 2000 एक मुश्त), पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त (रू.3000 एक मुश्त), षष्टम् श्रेणी ऐसी बालिकायें जिन्होंने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा दो वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो (रू.5000 एक मुश्त)।लाभार्थी को योजना के अन्तर्गत देय धनराशि पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से उसके बैंक खाते में हस्तांतरित की जायेगी। लाभार्थी के अवस्यक होने की दशा में देय धनराशि लाभार्थी की माता के बैंक खाते में और माता की मृत्यु होने की स्थिति में पिता के बैंक खाते में हस्तांतरित की जायेगी। माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर अभिभावक के बैंक खाते में भेजी जायेगी। कानपुर देहात में अभी तक वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल पात्र 1768 लाभार्थियों को रू0 37,44,000 की धनराशि, वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 3405 लाभार्थियों को रू0 66,91,000 की धनराशि, वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल पात्र 2386 लाभार्थियों रू0 45,11,000 की धनराशि पी0एफ0एम0एस0 पोर्टल के माध्यम से निदेशालय महिला कल्याण विभाग उ0प्र0 लखनऊ से सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की गयी हैै, जो जनपद के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की सक्रियता का परिणाम है।
क्या बोले अधिकारी -
कानपुर देहात के जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की बालिकाओं की प्रतिभा सही मुकाम पर पहुंचे इसके लिए जरूरी है इस तरह की योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक सही तरीके से पहुंचायी जाये।वही मुख्य विकास अधिकारी ने कहा बालिकाओं का सशक्तिकरण देश का सशक्तिकरण है यह योजना इस दिशा में एक सार्थक पहल है।